
फाइनेंस मिनिस्टर पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को बिल्डर्स (Builders) और बैंकर्स की बैठक बुलाई है, ताकि भूमि अधिग्रहण, टैक्सेशन सहित सहित विभिन्न मुद्दों से निपटने के लिए कदम उठाए जा सकें। बैठक में नेशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी), नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (एनबीएफसी), नीति आयोग और हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स के प्रतिनिधि भाग लेंगे। हाउसिंग फॉर ऑल पर फोकस बैठक में अफोर्डेबल हाउसिंग और अर्बन हाउसिंग के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय मिशन को बढ़ावा देने पर भी फोकस किया जाएगा। गौरतलब है कि सरकार का टारगेट है कि 2022 तक सभी को घर उपलब्ध कराया जाए। समस्याओं का निदान जरूरी बैठक से पहले जारी एक बयान में मिनिस्ट्री की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हाउसिंग फॉर ऑल के लक्ष्य को हासिल करने के लिए रियल एस्टेट डेवलपर्स और बैंकर्स की समस्याओं को समझना होगा और उनका जल्द से जल्द निदान करना होगा। साथ ही, राज्य सरकारों को भी इस दिशा में तेजी से काम करना होगा। GST पर होगा विचार बैठक में टैक्सेशन, खासकर जीएसटी पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। दिल्ली को छोड़ कर लगभग राज्य सरकारें रियल एस्टेट सेक्टर को जीएसटी के दायरे में लाने को तैयार नहीं है। अभी केवल अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर ही जीएसटी लगता है। बाकी, प्रॉपर्टी तैयार होने पर रजिस्ट्रेशन फीस स्टाम्प शुल्क राज्य सरकारों द्वारा वसूला जा रहा है। राज्य सरकारें स्टाम्प शुल्क से हाथ नहीं धोना चाहती है।
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